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बिना ईमानदारी के आगे नहीं बढ़ा जा सकता : लोढ़ा

बिना ईमानदारी के आगे नहीं बढ़ा जा सकता : लोढ़ा

संजय जैन(संपादक)प्रवासी एकता

एमएनएम का युवा अधिवेशन संपन्न

गोरेगांव मेवाड़ भवन में विराजित डा गौतम मुनि प्रथम के पावन सान्निध्य में मेवाड़ नवयुवक मंडल मुंबई का युवा अधिवेशन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिसका विषय था “क्या हम ईमानदार हैं”. इस विषय पर आमंत्रित वक्ताओं ने अपने विचार रखते हुए युवाओं में नई चेतना का संचार किया. इस अवसर पर समारोह अध्यक्ष सीए रमेश लोढा ने कहा कि बिना ईमानदारी के आगे नहीं बढ़ा जा सकता। अपनी बात को उन्होंने बड़े ही तार्किक ढंग से प्रस्तुत करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यवसायी को ग्राहक और सरकार के प्रति ईमानदार रहना चाहिए, तो तनावमुक्त रहेंगे। ग्राहक को अच्छी सेवा मिले और सरकार को उचित टैक्स दिया जाए, तो कभी कोई दिक्कत नहीं आने पाएगी. लोढ़ा ने कहा कि व्यवसाय के साथ ही समाज में भी ईमानदारी के साथ सक्रिय रहें, तो आपकी कीर्ति स्वत: ही बढ़ती जायेगी।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता और बिजनेस एक्सपर्ट हितेश देसाई ने कहा कि जिस दिन बेटा पैदा होता है, उसी दिन एक पिता का भी जन्म होता है। परिवार में अपने मन की बात बोल देने से दिल हल्का हो जाता है। बिना पत्नी के किसी भी पुरुष का जीवन पूर्ण नहीं होता। पत्नी गृह लक्ष्मी होती है, जब वो खुश रहेगी, तो ही घर में लक्ष्मी का आगमन होगा। इस दौरान देसाई ने अपने चुटीले अंदाज में युवाओं को कई बार गुदगुदाया और युवाओं के तमाम सवालों का समाधान भी किये। दूसरी वक्ता दीप्ति मोदी के वक्तव्य का फोकस सोशल मीडिया पर रहा. दीप्ती ने कहा कि सोशल मीडिया के बढ़ते चलन की वजह से दोस्ती एवं अन्य रिश्तों में ईमानदारी कम हो गयी है। रिश्तों में गुणा गणित बढ़ने की वजह से ईमानदारी घटी है। उन्होंने कहा कि रिश्तों में हिसाब लगाने के बजाय ईमानदारी के साथ उनका निर्वहन किया जाए, तो जीवन खुशहाल हो जाएगा. दीप्ति ने दोस्ती के महत्त्व पर भी प्रकाश डाला. तीसरे वक्ता मालव दोशी ने धर्म में ईमानदारी के महत्त्व पर प्रकाश डाला.

वरिष्ठजनों के उदगार

मेवाड़ संघ के महामंत्री रोशन वडाला ने अपने सम्बोधन में कहा कि संघ समाज में लिये गये दायित्व और लक्ष्य को निष्ठा से पूरा करना सबसे बड़ी ईमानदारी है। अपनी बात रखते हुये उन्होंने महाभारत में अर्जुन द्वारा किये गए मत्सभेदन का उल्लेख भी किया। मेवाड़ महिला मंडल की अध्यक्षा राजकुमारी बोहरा ने कहा कि परिवार, धर्म और व्यवसाय में ईमानदारी का अभाव है तथा दिखावा बढता जा रहा है, ऐसे में यह कार्यक्रम युवा शक्ति को जागरूक बनाने में सहायक होगा।

एमएनएम के प्रथम अध्यक्ष विनोद वडाला ने कहा कि धर्म में ईमानदारी का मतलब यह नहीं कि हम गुरुदेव के सान्निध्य में ही धर्म करें. गुरु का सम्मान दिल में होना चाहिए. दिखावे से बचते हुए हमें साधर्मिक भाइयों और दोस्तों की मदद के लिए तत्पर रहना चाहिए, यही सबसे बड़ी ईमानदारी है. मेवाड़ संघ अध्यक्ष किशन परमार ने अपने संक्षिप्त वक्तव्य में कहा कि उनकी युवा टीम जिस तरह से काम कर रही है, उससे बड़ी खुशी होती है. एमएनएम अध्यक्ष लक्ष्मण सांखला द्वारा किये जा रहे रचनात्मक कार्यों को सराहते हुए परमार ने कहा कि युवक इसी तरह समाज के लिए कार्य करते रहें, श्री संघ की तरफ से हर तरह का सहयोग किया जाएगा. मेवाड़ भवन ट्रस्ट के अध्यक्ष दिलीप नाबेडा ने युवाओं को खुद के प्रति ईमानदार होने की बात कही और समाज के लिए हमेशा रचनात्मक कार्यों में सक्रीय रहने का संकल्प दिलाया. कार्यक्रम में स्वागत भाषण एमएनएम अध्यक्ष लक्ष्मण सांखला दिया और संचालन महामंत्री दीपक परमार ने किया.

प्रमुख उपस्थिति
इस अवसर पर मानजी स्वामी संस्थान नाथद्वारा के अध्यक्ष इंद्रमल वडाला, संघ के प्रमुख मीठालाल सिंघवी, कार्याध्यक्ष चौथमल सांखला, कोषाध्यक्ष नेमीचंद धाकड़, शौकीन पामेचा,पूर्ण पोखरना,चेतन बोहरा,मेवाड़ भवन ट्रस्ट के महामंत्री सुरेश आंचलिया, कोषाध्यक्ष भगवती पोखरणा, मुख्य चुनाव अधिकारी बीबी लोढा, सचेतक हरकलाल लोढा, महिला मंडल की महामंत्री कंचन सिंघवी, कन्या मंडल अध्यक्षा निकिता सूर्या, मंत्री प्रीति नाहर, कोषाध्यक्ष दिव्या लोढा, एमएनएम के पूर्व अध्यक्ष अनिल पालरेचा, नरेश लोढा, पूर्व प्रमुख गुणवंत खेरोदिया, महेंद्र चोरडिया, प्रकाश कागरेचा, दिनेश कोठारी, महेंद्र पगारिया, पंकज चंडालिया,मनीष सांखला, लक्ष्मीलाल वडालमिया, बंटी चंडालिया, दिनेश वडालमिया, प्रकाश वदामा, जीतमल वागरेचा, सुरेश सोनी, विनोद चपलोत, मांगीलाल रांका, महावीर तातेड़, महावीर मादरेचा, ललिता सोनी, बेबीबेन डागलिया, लाजवंती वडाला आदि की उपस्थिति रही

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