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गांधी मैदान का कोना-कोना श्रद्धालुओं से हुआ

*मां की ममता को सुनने के लिए उमड़ा सारा शहर, गांधी मैदान का कोना-कोना श्रद्धालुओं से हुआ खचाखच*
*मां को खुश रखें, महात्मा और परमात्मा आपसे सदा खुश रहेंगे-राष्ट्रसंत चंद्रप्रभजी*
*कार्यक्रम के वीडियो और फोटो facebook पर देखें*

ललित सिंघवी 9867434390
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जोधपुर, 11 अगस्त। रविवार को मां की ममता पर प्रवचन सुनने के लिए पूरा शहर गांधी मैदान में उमड़ पड़ा। मैदान का कोना- कोना श्रद्धालुओं से खचाखच भरा हुआ नजर आया। भाई-बहनों की आंखों से बहते हुए आंसुओं ने मां की ममता और महानता को प्रकट कर दिया। इस दौरान राष्ट्रसंत चंद्रप्रभजी महाराज ने कहा कि जिंदगी के हर पल को खुशियों से भर देती है मां, अपनी जिंदगी से हमारी जिंदगी को बना देती है मां, भगवान को पूजने से पहले मां की पूजा कर लेना क्योंकि धरती पर भगवान को भी जन्म देती है मां। उन्होंने कहा कि धरती का सबसे प्यारा शब्द है मां। दुनिया के सारे शास्त्रों का सार है मां। मां के म में महावीर, महादेव और मोहम्मद समाए हैं और मां का आ अपने में आदिब्रह्मा, आदिनाथ और अल्लाह को समेटे हुए हैं। आप केवल मां की इबादत कीजिए सारे तीर्थंकरों, पैगंबरों, अवतारों की इबादत अपने आप हो जाएगी। उन्होंने कहा कि हम राम, कृष्ण, महावीर, महादेव या मोहम्मद की तरह महान इंसान बन पाएँ तो अच्छी बात है, पर कम से कम श्रवणकुमार जैसी अच्छी संतान तो अवश्य बन जाएं। उन्होंने कहा कि हमारे ऊपर ईश्वर का उपकार सौ गुना, गुरु का उपकार हजार गुना, पिता का उपकार दस हजार गुना, पर मां का उपकार लाख गुना हुआ करता है। मां है तो यह दुनिया है और मां नहीं तो समझो दुनिया खत्म। इससे बढ़कर मां का हमारे ऊपर क्या उपकार हो सकता है कि उसने गर्भपात के इस युग में भी हमको जन्म दिया।
संतप्रवर रविवार को श्रद्धालुओं से खचाखच भरे गांधी मैदान में सोचो अगर मां न होती…विषय पर संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि दुनिया के सारे शास्त्र मां की महिमा से भरे हुए हैं। इसीलिए जन्नत अगर कहीं हैं तो मां के चरणों में हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया में 3 चीजें महान हैं- आत्मा, महात्मा और परमात्मा पर तीनों का सार एक माँ में समाया हुआ है। अगर आप माँ की महानता के बारे में जानना चाहते हैं तो आपकी पत्नी को देख लीजिए जो किस तरह आपके बेटे को संभालती है। आपको समझ में आ जाएगा कि मां का त्याग क्या होता है। संतप्रवर ने कहा कि मां हमें जन्म देती है इसलिए वह ब्रह्मा है, हमारा पालन-पोषण करती है इसलिए वह विष्णु है और हमें सभ्य और संस्कारित बनाती है इसलिए वह महादेव है। आज हमारे पास जो भी दौलत और शोहरत है वह सिर्फ मां की बदौलत है। उन्होंने कहा कि पत्नी आपकी पसंद है, पर माता-पिता आपके पुण्य हैं। कहीं ऐसा न हो कि हम पसंद के चक्कर में पुण्य से हाथ धो बैठें। उन्होंने बहनों से कहा कि वे कभी भी मां से बेटे को जुदा करने का पाप न करें। अगर आपने ऐसा किया तो आपका भाई भी मां से अलग हो जाएगा। मां द्वारा किए गए उपकारों का विवेचन करते हुए संत प्रवर ने कहा कि मां द्वारा भयंकर दर्द सहन करके हमें जन्म देना, अपने आंचल का दूध पिलाना, हजारों बार हमारे टॉयलेट बाथरूम साफ करना, हमारे नखरों को पूरा करना, बुखार में रात भर जग कर हमारा ध्यान रखना जैसे अनंत उपकार मां ने हम पर किए हैं। दुनिया की सारी तपस्या एक तरफ है, पर मां की तपस्या उससे भी ज्यादा महान है। मां की तपस्या के सामने बाकी सारी तपस्याएँ फीकी है इसलिए यह दुनिया नारी की सदा आभारी रहेगी।
माता-पिता के उपकारों को चुकाने के लिए संतप्रवर ने कहा कि अपने दिन की शुरुआत माता पिता के चरण छूकर के करें। जो व्यक्ति सुबह-सुबह माता पिता के आशीर्वाद ले लेता है उसके सारे ग्रह अनुकूल रहते हैं।ब्रह्मांड की सारी शक्तियां उसे आगे बढ़ने में मदद करती है। उन्होंने कहा कि कभी भी मां की उपेक्षा, अपमान या अनादर न करें। मां या बहन के नाम की गाली न निकालें, 24 घंटे में से एक बार मां को अपने हाथों से रोटी खिलाएं, अगर आप दूर रहते हैं तो मां को फोन करके प्रणाम जरूर करें, अपनी कमाई का एक हिस्सा माता पिता के चरणों में समर्पित करें, वर्ष में एक बार उन्हें तीर्थ यात्रा के लिए जरूर ले जाएं और उनके प्रति अतीत में हो चुकी गलतियों के लिए सरल हृदय से क्षमा मांगें। उन्होंने कहा कि ईश्वर तो सब जगह नहीं पहुंच सकता, पर मां-बाप के रूप में वह हर घर में विराजमान रहा करता है। जो माता पिता की सेवा और भक्ति कर लेता है उसे ईश्वर की सेवा करने का सौभाग्य घर बैठे प्राप्त हो जाता है। अगर आप के माता पिता आप से खुश हैं तो समझ लीजिएगा आपका जीना सार्थक है।
जब संत प्रवर ने प्रवचन के दौरान मां की ममता से जुड़े हुए भजनों और प्रसंगों का विवेचन किया तो पांडाल में बैठे हर श्रद्धालु की आंखें भीग उठीं।
प्रवचन में दीप प्रज्वलन न्यायाधीश मनोज गर्ग, न्यायाधीश दिनेश मेहता, पूर्व संभागीय आयुक्त रतन लाहोटी, कांग्रेस नगर अध्यक्ष सैयद अंसारी, चातुर्मास आयोजक सुखराज मेहता ने किया।
कार्यक्रम में मंच संचालन अशोक पारख ने किया।
चातुर्मास समिति के जुगल किशोर जांगिड़ ने बताया कि सोमवार को संत ललितप्रभ गांधी मैदान में सुबह 8:45 बजे पंचशील का पालन ही पहला धर्म विषय पर जनमानस को संबोधित करेंगे।

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