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शीशोदा कुठवाँ पचायत मे पहले तो नही हुई बरसात अब बादलों से बंधी तो बहुत बारिश व तेज हवा से फसले हुई बरबाद किसानो की मेहनत पर फिरा पानी

शीशोदा कुठवाँ पचायत मे पहले तो नही हुई बरसात अब बादलों से बंधी तो बहुत बारिश व तेज हवा से फसले हुई बरबाद किसानो की मेहनत पर फिरा पानी

ईधर चिकलवास बाँध मे पानी की आवक जारी है व दडवल का ऐनीकट ओवर फलो हो रहा जिससे बनास नदी मे पानी की आवक जारी है

प्रवासी एकता/ छगन सिंह पवाँर

नाथुव्दारा तहसील के सहित पूरे संभाग में ग्रामीण, किसान और आमजन लम्बे समय से बरसात का इंतजार किए हुए है। ग्रामीणों ने शनिवार को नाथद्वारा क्षेत्र के शीशोदा खुर्द मे नरेगा पर कार्यरत मजदूरों, महिलाओ और गांव के किसान परिवारों ने गांव के बाहर खाना बनाकर देवी-देवताओ को भोग धराया तथा स्वयं ने सामूहिक भोजन किया। इंद्र को प्रसन्न करने के लिए ग्रामीण महिलाओं ने नृत्य किया, गीत भी गाए।

ग्राम पंचायत कुठवा, शिशोदा, सायो का खेडा , सागट कला, गुडला, गावगडा, कोशीवाडा, मोकाडा एवम खमनोर पंचायत समिति के आस पास कर गावो के किसानों ने पहली बारिस मे अपने खेतों में मक्का, ज्वार, मुग गवार आदि फसलो की बुवाई कर दी थी। पहले बरसात का दौर यथायथ थम गया। करीब एक माह बीत जाने के बाद भी बारिश नही हुई। ऐसे में फसल बर्बाद होती गई। मुरझा गई। मानसून के रुठ जाने से किसान परिवारों की चिंताएं बढ़ गई। इसके बाद से किसम, ग्रामीण और यहां तक की पशु पक्षी भी लाचार नजर आने लगे। इस बीच विगत दस दिन से आसमान में फिर बादल छाने, बूंदाबांदी होने पर ग्रामीणों की आस बंधी। इसी के चलते मेघराज को रिझाने के जतन जारी थे। ग्रामीण, मजदूर, किसान आदि ने बाहर खाना बनाया और भगवान इंद्र देव को भोग धराया। बाहर ही खाना खाया। इधर,
किसानो का कहना है कि गायो व मवेशियो के लिए अब चारा भी नही बच्चा है। बरसात नही होने पर मवेसियो को पालन भी बहुत मुश्किल हो गया था।15 दिन पहले शीशोदा खुर्द मे नरेगा पर कार्यरत सभी महिलाओं ने बरसात की कामना को लेकर गाव के बाहर खाना बनाया व देवताओ को भोग लगाया । वही पर मंगल गीत जेसे बरस …, बरस……
म्हारा इंदर राजा…………
गास बिना मारी गाया भूखी…. आदि मगल गीत गाती हुई इंदर राजा को मनाया

गाव के बाहर सामूहिक खाना बनाकर भोजन किया।ज्ञात हो कि अपने मवेशियो के चारा पानी को लेकर किसान दिन भर बादलो की ओर देखते नजर आ रहे थे। अब आसमान में फिर छाए बादलो से किसानों के चेहरे खिल है। इंदर महाराज से क्षेत्र में जमकर बरसने की प्रार्थना की गई थी अब 15 दिन से भोडी थोडी बरसात से हुई फसले देखने लगी गुरूवार दोपहर से खबर मिलने तक लगातार 24 घटे से हो रही बरसात ने पुरी फसले नस्ट हो गया है किसानो की चिन्ता बड गयी हैं कहना है कि कितना मेहनत से फसले की बुवाई की गयी मजुरी लगाकर मके की खुदाई कराई व सब फसल चोपट हो गयी है किसानों की पुरी मेहनत पर फिर गया पानी

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