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विरार में पहली बार साध्वीवृंद ठाणा – 3 के सानिध्य में “POWER YOUR PRATIBHA” का आयोजन “close the Eyes and open the Brain”

विरार में पहली बार साध्वीवृंद ठाणा – 3 के सानिध्य में “POWER YOUR PRATIBHA” का आयोजन
“close the Eyes and open the Brain”

प्रवासी एकता/संजय जैन

विरार:-विरार उपनगर में श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ विरार में जयगुरूगणेश महाराष्ट्र प्रवर्तिनी,ज्ञान गंगोत्री प.पू.प्रभाकंवर जी मा.सा. की सुशिष्या नवकार आराधिका प.पू.प्रतिभाजी मा.सा एवं वर्धमान आयंबील आराधिका प.पु.प्रफुल्लाजी म.सा की सुशिष्या तपस्वी प.पू.दक्षिताश्रीजी म.सा लोगस्ससाधिका प.पू.डॉ उदिताश्रीजी मासा नवदीक्षित प.पू.महिमाश्रीजी म.सा के मार्गदर्शन में श्री गुरु गणेश नवकार प्रतिष्ठान के अंर्तगत ली जाने वाली साधना “POWER YOUR PRATIBHA” का आयोजन “close the Eyes and open the Brain”वीरार साधना सदन में होने जारहा है।

इस साधना के अंतर्गत बालकों का बौद्धिक विकास किया जाता है व्यक्ति अपने दिमाग का सिर्फ 2% तक ही इस्तेमाल कर पाता है ज्यादातर लोग लेफ्ट ब्रेन का इस्तेमाल करते हैं जबकि राइट ब्रेन में इनट्यूशन पॉवर होती है बावजूद व्यक्ति इसे कम इस्तेमाल कम ही कर पाता है जापान के डॉ. मकोतो शिचिदा के रिसर्च में यह बात साफ हुई है कि कोई व्यक्ति अपने ब्रेन बेहतर इस्तेमाल करना सीख जाए तो वह सुपर ब्रेन पावर वाला बन सकता है यदि बच्चों को इसकी समुचित ट्रेनिंग दी जाए तो वे बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।

(इस तकनीक के पीछे का विज्ञान)

“कार्य और जिम्मेदारियों के आधार पर दिमाग के तीन हिस्से हैं दाहिने, बाये और माध्य संख्या गणित विज्ञान तर्क करने लिखने तथा पढ़ने की योग्यता आदि से संबंधित होता है वही दाहिना भाग बहुआयामी आकार संगीत कल्पनाशीलता अंतबोध रचनात्मक और भावना आदि से जुड़ा होता है”
“कोई भी काम करते वक्त हमें दाहिने और बाये भागों से मिली जानकारीयो की जरूरत होती है ऐसे में मध्य भाग दोनों भागों के बीच सेतु का काम करता है मध्य भाग जितने अच्छे से काम करेगा हम अपना काम दिमाग के ज्यादा से ज्यादा हिस्से को इस्तेमाल करके उतनी ही अच्छे से कर पाएंगे”
“हम अपने ट्रेनिंग में विशेष उत्तराध्ययन सूत्र का 11वां अध्ययन भक्तामर स्त्रोत सरस्वती स्त्रोत गुरु गणेशाष्टकम योग ध्यान एवं अन्य तकनीकों के माध्यम से ब्रेन का पावर बढ़ाते हैं इससे बच्चा अपने दिमाग का ज्यादा प्रयोग करने लगता है और उसका अपने सभी इंद्रियों पर बेहतर नियंत्रण होने के साथ-साथ अन्य सेन्स भी विकसित होने लगते हैं”

( इस प्रशिक्षण के व्यावहारिक फायदे)

“ज्यादा याद रखने की क्षमता, बेहतर ध्यान केंद्रण जल्दी और ज्यादा सीखने की क्षमता”

“ज्यादा आत्मविश्वास, भावनात्मक स्थिरता और नियंत्रण मन, संयमित व्यवहार”
“तीव्र ग्रहण करने की क्षमता”
“आंख बंद करके भी पढ़ने लिखने और अन्य सभी काम भी कर पाने की क्षमता”
“बेहतर स्कूल रिजल्ट”

(प्रशिक्षण की योग्यता एवं अवधि)

“उम्र सीमा 7 से 15 साल तक के बच्चों के लिए”

इस साधना के लेवल इस प्रकार है

1:- मेघा जागरण

आंखें बंद करके रंग पहचानना, पैरों के नीचे कलरिंग करना, 1 से 50 टेबल बिना देखे लिखना,पढ़ना

2:- प्रज्ञा जागरण

आंखों के पीछे पहचानना, एक्शन पहचानना, प्लेट के नीचे का पहचानना, पढ़ना, लिखना, अरिहंत सिद्ध राइटिंग पढ़ना, 51 से 100 टेबलस, दिमाग को पढ़ना,

3:- चेतना जागरण

स्केटिंग रूबिक बंद आंखों से 2 मिनट में शोल करना, 101 से 200 टेबल्स,

4:-द्वि हस्त लेखन

दोनों हाथों से एक साथ लिखना, फोटोग्राफीक में दिमाग,

5:-ज्ञान केंद्र चेतना जागरण

दोनों पाँव से एक साथ लिखना, फोटोग्राफीक में दिमाग

“क्या आप अपने बच्चे को जिंदगी में सक्सेसफुल देखना चाहते हो तो आज ही इस प्रशिक्षण में भाग ले”

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