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कलंबोली में एक स्कूल के सामने बम रखने वाले तीन गिरफ्तार

प्रवासी एकता/ललित सिंघवी(चीफ ब्यूरो नवी मुंबई)

नवी मुंबई के कलंबोली पुलिस की हद में सेक्टर-1 स्थित सुधागड एज्युकेशन स्कूल के बाहर ठेला पर टाईम बम रखने के आरोप में तीन लोगो को कलंबोली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है । गिरफ्तार आरोपियों ने बिल्डर को डराकर मोटी रकम वसूलने के लिए यह बम रखे जाने का खुलासा पुलिस नर किया है। पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में सुशील साठे (35) मनीष भगत (45) एवं दीपक दांडेकर (55) का समावेश है। भगत और दांडेकर नवी मुंबई के उलवे निवासी हैं जबकि साठे पुणे के हवेली कोंढवा धावडी का रहने वाला है । मुख्य आरोपी दांडेकर के पिता के पास पत्थर के खदान का व्यवसाय होने के कारण उसे बम बनाने की जानकारी थी । साठे और दांडेकर भारी कर्ज के बोझ से दबे हुए थे। उरण में पुल के निचे आतंकियों की वाहवाही एवं दादर-गोरखपुर ट्रेन का जिक्र तथा महेंद्र सिंह धोनी व केजरीवाल के नाम का जिक्र किए जाने से नवी मुंबई पुलिस एवं जांच एजेंसियों ने इधर-उधर हांथ-पांव मारना शुरू कर दिया था, इसी दौरान कलंबोली के पास सुधागढ़ स्कूल के बाहर बम मिलने की खबर से अफरा-तफरी मच गई थी। पुलिस दल एवं बम निरोधक दस्ते की टीम उक्त स्थान पर पहुंचकर समय से पहले उक्त बम को निष्क्रिय कर दिया था, लेकिन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने जांच शुरू कर दिया था। जांच के दौरान पुलिस को ठेले पर मिले बम के साथ ही एक जिंदा बम और बरामद हुआ, इसमें घड़ी से जुड़े चार तारों को सीमेंट ब्लॉक से जोड़ा गया था। जबकि उसी के बाजू में एक छोटे से बॉक्स में कील और अन्य धारदार धातु रखा गया था। इसके अलावा विद्युत प्रवाह के लिए 12 वोल्ट की बैटरी का भी इस्तेमाल किया गया था। आखिर उस सीमेंट के ब्लॉक में है क्या यह जानने के लिए रोडपाली के पास एकांत में पुलिस ने रात को 1 बजे के करीब उसे विस्फोट किया था। उसके बाद सुबह बीडीडीएस की टीम ने उस सीमेंट के ब्लॉक के टुकड़े एकत्रित कर फोरेंसिक लैब में जांच के लिए भेज दिया था। उसके बाद जांच के दौरान पुलिस को सीसीटीवी कैमरे में टोपी पहना हुआ एक व्यक्ति ठेले पर बम लेकर जाते हुए दिखाई दिया जिसके बाद पुलिस उस व्यक्ति की तलाश में जुट गई। आखिरकार पुलिस आरोपी के गिरेबान तक पहुंच गई और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इस बम की खबर से लोगों के मन मे सबसे बड़ा जो भय था, आतंकी संघटनों द्वारा कहीं इस कार्य को अंजाम तो नही दिया गया था यह आशंका अब दूर हो गई है।

बिल्डर से दो करोड़ रुपए हप्ता वसूलने की तैयारी थी।

गिरफ्तार तीनो आरोपियों पर काफी कर्ज था । यह कर्ज वापस करना उनके लिए मुश्किल साबित हो रहा था। इसलिए तीनो ने मिलकर बिल्डर से पैसा वसूलने का प्लानिंग तैयार किया । इस प्लान के अनुसार एक बिल्डर के घर के सामने पहले विस्फोट करने उसके बाद बिल्डर से दो करोड़ रुपए हप्ता वसूलने की तैयारी थी। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि स्कूल में बम विस्फोट करने का उनका मंशा नहीं था, वह बम बनाकर डराने के उद्देश्य से वहां रख दिया था।

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